Sunday, May 16, 2021

हेलमेट मैन सड़क दुर्घटना में मरने वाले छात्रों के परिवार को दस लाख की सहायता राशि देगे, 26 जनवरी से हेलमेट मैन की वेबसाइट पर कोई भी छात्र अपना नाम रजिस्टर्ड कर सकता है

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ग्रेटर नोएडा: भारत के हेलमेट मैन सड़क दुर्घटना में मरने वाले छात्रों के परिवार को दस लाख की सहायता राशि देकर बच्चों के माता-पिता का आंसू पोछेंगे बेटा बनकर. लड़के की दुर्घटना में 5 लाख और लड़की के लिए दस लाख नए साल पर देने की शुरुआत करी. जनवरी को दिल्ली एनसीआर के अंदर ग्रेटर नोएडा साईं मंदिर डेल्टा थर्ड के पास जो हेलमेट लगाकर दर्शन करने आएगा वह इस लिस्ट में शामिल हो जाएगा उसे अपना आधार नंबर के साथ पूरी डिटेल देनी होगी. और 3 जनवरी को नॉलेज पार्क मस्जिद के पास जो हेलमेट लगाकर नमाज के लिए आएगा उसे इस योजना का लाभ मिलेगा. हेलमेट मैन के मिशन में कोई भी पुरानी पुस्तक देकर इस राशि का दुर्घटना होने पर लाभ ले सकता है. इसके लिए छात्रों की उम्र 5 साल से 25 साल, के अंदर के छात्र छात्राओं को इसका लाभ मिलेगा. नए साल 26 जनवरी से हेलमेट मैन की वेबसाइट पर कोई भी छात्र अपना नाम रजिस्टर्ड कर सकता है. हेलमेट मैन अपने अभियान में अब तक 25000 हेलमेट देकर 200000 बच्चों को निशुल्क किताबें दे चुके हैं. भारत का 100% साक्षर करने के लिए अपने मिशन द्वारा भारत में प्रतिवर्ष डेढ़ लाख सड़क दुर्घटना में लोगों की मौत होती है. भारत सरकार द्वारा नए नियम लागू करने से जितना राजस्व में बढ़ोतरी हुई है लेकिन सड़क दुर्घटना में होने वाली मौत को रोकने में असफलता दिखाई दे रही है. इसका सबसे बड़ा कारण है लोगों में जागरूकता की कमी. इसलिए हेलमेट मैन बड़े पैमाने पर बच्चों के माता-पिता को जागरूक करने का संकल्प लिया है. भारत में 80% सड़क दुर्घटना में मरने वाले युवा और बच्चे होते हैं. अधिकतर बच्चे अपने माता पिता के घर का चिराग होते हैं.

आज भारत के अंदर हर माता-पिता महंगी से महंगी शिक्षा देने के लिए कर्ज लेकर देने का प्रयास करते हैं. हेलमेट मैन राघवेंद्र कुमार 5 साल से जागरूकता के साथ सड़क दुर्घटना से मरने वाले सैकड़ों परिवार से भी मिले. जो हर परिवार अपना बेटा खोने के बाद इतना टूट चुका होता है जो अपने इलाज के लिए पैसे का मोहताज हो जाता है. समाज में कोई भी इंसान अफसोस के अलावा ऐसे परिवार को पैसे का सहयोग नहीं देता है. आज इसी समस्या को हेलमेट मैन के दोस्त कृष्ण कुमार ठाकुर के माता पिता मोहताज हो गए हैं पैसे के लिए जो इलाज कराने के लिए पैसे नहीं है. इसलिए हेलमेट मैन उस परिवार को मदद करना चाहते हैं जो परिवार इस घटना से अनजान है.भारत के करोड़ों परिवार में जागरूकता का संदेश देकर ऐसी विपत्ति में करोड़ों मां का आंसू पोछने के लिए नए साल पर सौगात देने का संकल्प लिया है. अपने अभियान द्वारा उन सभी माता-पिता से अपील कर रहे हैं जिनका एक पुत्र है और पुत्री है जो स्कूलों में पढ़ रहे हैं. भारत का 100% साक्षर बनाने के लिए अपने बच्चे की पुस्तक किसी जरूरतमंद को देने का आदत बनाएं. हेलमेट मैन अपने मुहिम द्वारा ऐसे परिवार के चिराग की सड़क दुर्घटना होने पर उस परिवार को 5 से 10 लाख सहायता राशि देने का वादा किया है. इस योजना का लाभ जिनकी एक औलाद है कोई भी अपने बच्चे की पुरानी पुस्तक देकर निशुल्क लाभ ले सकता है. इसके पीछे हेलमेट मैन का उद्देश्य यह है. बहुत सारे लोगों के एक ही संतान बेटा या बेटी परिवार में होते हैं. लेकिन जितनी सोच अपने बच्चे के प्रति शिक्षा के लिए लालसा होती है उतना सड़क सुरक्षा के प्रति बच्चों में आदत नहीं बना पाते हैं इसका नतीजा यह है हर दिन सड़क दुर्घटना में सैकड़ों परिवार अपना बेटा या बेटी को सड़क दुर्घटना में खो रहा है. उस परिवार को भविष्य में आर्थिक सहायता के लिए कोई दिक्कत ना हो इसलिए पुरानी पुस्तक देने वाले बच्चे को हेलमेट मैन लड़कों के लिए पांच लाख और लड़कियों के लिए 10 लाख की सहायता राशि दे रहे हैं सड़क दुर्घटना होने पर. क्योंकि जब से हेलमेट मैन कार्य कर रहे हैं बहुत सारे ऐसे परिवार से मिले जिन लोगों ने अपने घर का अकेला चिराग खोया आज इस हालत में है बीमारी होने पर खुद की अपनी इलाज कराने के लिए मोहताज है. नए साल में सभी परिवार को अपना संदेश देकर सावधान करके जागरूक करना चाहते हैं और जो 73 साल बाद अपना देश 100% साक्षर नहीं हुआ वह आने वाली जनरेशन जो अभी स्कूलों में और कॉलेजों में पढ़ रही है उनसे काफी उम्मीद कर रहे हैं

 

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